✍️ इंडियन टीवी न्यूज नेशनल छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से हुए बहुचर्चित 250 टन लोहा चोरी मामले में CISF के सब-इंस्पेक्टर विपिन मलिक को भिलाई-3 न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। न्यायाधीश भानुप्रताप सिंह त्यागी की अदालत ने सुनवाई के बाद विपिन मलिक की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली।
अदालत में बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि विपिन मलिक को मामले में नामजद आरोपी नहीं बनाया गया था, इसके बावजूद उन्हें आरोपी बनाया गया। इन दलीलों और मामले के तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत प्रदान की।
16 आरोपी बनाए गए
पुलिस चालान के मुताबिक, BSP से लोहा चोरी के इस मामले में कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से 10 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है, जबकि 6 आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर बताए जा रहे हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
BSP जैसे संवेदनशील औद्योगिक प्रतिष्ठान से इतनी बड़ी मात्रा में लोहा चोरी का मामला सामने आने के बाद संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे। मामले में ड्यूटी में कथित लापरवाही के आरोप में CISF के थाना प्रभारी (TI) समेत 5 सुरक्षाकर्मियों को निलंबित किया गया था।

लोहा चोरी का यह मामला सामने आने के बाद इसकी गंभीरता और व्यापकता को देखते हुए अब मामले की विस्तृत जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपे जाने की बात सामने आई है। CBI द्वारा चोरी की पूरी घटना, सुरक्षा व्यवस्था में हुई कथित चूक और इससे जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच की जा रही है।
अग्रिम जमानत मिलने के बावजूद मामले की जांच जारी रहेगी और जांच एजेंसी द्वारा सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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