✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
बीजापुर। जिले में महतारी वंदन योजना के तहत बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आई है। योजना के तहत किए गए केवाईसी और रिकॉर्ड ऑडिट के दौरान 1,726 हितग्राही अपात्र पाए गए हैं। इसके बावजूद इन हितग्राहियों को योजना की राशि का भुगतान होता रहा। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार अपात्र हितग्राहियों के खातों में करीब 1 करोड़ 93 लाख रुपये पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने अब भुगतान की गई राशि की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही संबंधित अधिकारियों से जवाब भी मांगा गया है।
42,884 महिलाएं योजना में पंजीकृत
बीजापुर जिले में महतारी वंदन योजना के तहत कुल 42,884 महिलाएं पंजीकृत हैं। लाभार्थियों की केवाईसी और रिकॉर्ड के ऑडिट के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए, जो योजना की निर्धारित पात्रता के दायरे में नहीं आते थे। इसके बावजूद उन्हें योजना का लाभ मिलता रहा।
21 वर्ष से कम उम्र की 501 महिलाओं को भुगतान
ऑडिट में सामने आए आंकड़ों के अनुसार 21 वर्ष से कम उम्र की 501 महिलाओं को योजना के तहत कुल 91 लाख 73 हजार 500 रुपये का भुगतान किया गया। वहीं, आयकर के दायरे में आने वाली 141 महिलाओं के खातों में करीब 45 लाख रुपये पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
सरकारी सेवा से जुड़ी महिलाओं को भी मिला लाभ
जांच के दौरान शासकीय सेवा से जुड़ी महिलाओं को भी योजना की राशि दिए जाने के मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों में 33 लाख रुपये से अधिक का भुगतान होने की जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज है।
675 मृत हितग्राहियों के नाम पर भी भुगतान
ऑडिट में सबसे गंभीर अनियमितता यह सामने आई कि 675 मृत हितग्राहियों के नाम पर भी योजना की राशि जारी होती रही। इन मामलों में कुल 7 लाख 33 हजार रुपये के भुगतान की जानकारी सामने आई है।
इसके अलावा 96 मामलों में एक ही बैंक खाते में दो अलग-अलग हितग्राहियों की राशि पहुंचने की बात भी सामने आई है। इससे योजना के रिकॉर्ड और भुगतान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
अधिकारियों को नोटिस, रिकवरी के निर्देश
मामला सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित सीडीपीओ को नोटिस जारी किया है। साथ ही अपात्र हितग्राहियों को किए गए भुगतान की राशि की रिकवरी करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय स्तर पर अब मामलों की जांच के साथ-साथ सरकारी राशि वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
आंकड़ों में भी अंतर, जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
हालांकि, पूरे मामले में आंकड़ों को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। विभागीय स्तर पर फिलहाल करीब 700 मामलों की बात कही जा रही है, जबकि उपलब्ध रिकॉर्ड में 1,726 अपात्र हितग्राहियों का आंकड़ा सामने आया है।
ऐसे में वास्तविक रूप से कितने अपात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ मिला और कुल कितनी सरकारी राशि का भुगतान हुआ, यह विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
फिलहाल मामले में जांच और रिकवरी की कार्रवाई जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही महतारी वंदन योजना में हुई इस कथित वित्तीय अनियमितता की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to share your thoughts!