रायपुर। चर्चित महादेव बुक ऑनलाइन बेटिंग एवं गेमिंग नेटवर्क के खिलाफ डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की रायपुर जोनल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई की है। विस्तृत जांच के बाद DGGI रायपुर जोनल यूनिट की संयुक्त निदेशक शिवी सांगवान ने 26 अगस्त 2026 को दो बड़े शो-कॉज नोटिस जारी किए हैं।
जांच के मुताबिक, 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2024 के बीच महादेव बुक से जुड़ी करयोग्य आपूर्ति का अनुमानित मूल्य ₹1,45,010,77,48,260 यानी करीब ₹1.45 लाख करोड़ है। इसी आधार पर ₹40,603.02 करोड़ से अधिक GST की मांग प्रस्तावित की गई है।
करीब 2,000 पैनलों का नेटवर्क
DGGI की जांच में महादेव बुक को किसी एक वेबसाइट या ऐप के बजाय ऑनलाइन बेटिंग और मनी गेमिंग से जुड़ा एक बड़ा नेटवर्क बताया गया है। जांच में क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस समेत विभिन्न खेलों पर ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े कई प्लेटफॉर्म का उल्लेख किया गया है।
जांच के दौरान सामने आए बयानों के अनुसार, नेटवर्क में करीब 2,000 पैनल संचालित होने की बात सामने आई। अधिकांश पैनल ऑपरेटरों ने कथित तौर पर बताया कि एक पैनल में प्रतिदिन औसतन ₹5 लाख से ₹10 लाख तक की रकम जमा होती थी। सभी पैनलों को मिलाकर प्रतिदिन जमा होने वाली राशि का आंकड़ा करीब ₹99 करोड़ तक बताया गया है।
खिलाड़ियों को WhatsApp नंबरों के माध्यम से पैनलों से जोड़ने और अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराने की बात भी जांच में सामने आई है। जांच एजेंसी ने third-party, benami और mule bank accounts के इस्तेमाल के तथ्य सामने आने का दावा किया है।
₹40,603 करोड़ से अधिक GST की प्रस्तावित मांग
जांच अवधि के दौरान सामने आए बैंकिंग लेन-देन, दस्तावेजों, पैनल नेटवर्क और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर DGGI ने ₹1.45 लाख करोड़ के taxable value का आकलन किया है।
प्रस्तावित GST मांग में 1 अप्रैल 2020 से 30 सितंबर 2023 तक करीब ₹35,517.22 करोड़ तथा 1 अक्टूबर 2023 से 31 मार्च 2024 तक करीब ₹5,085.80 करोड़ IGST शामिल बताया गया है।
सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल पर भी कार्रवाई
DGGI की जांच में सौरभ चंद्राकर को महादेव बुक का founder, owner और principal promoter तथा रवि उप्पल को key associate और co-promoter बताया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार दोनों की नेटवर्क के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जांच में पैनल से होने वाले लाभ का बड़ा हिस्सा कथित तौर पर नेटवर्क के मुख्य कार्यालय तक पहुंचाए जाने की बात भी सामने आई है। कुछ बयानों में Head Office का हिस्सा कुल लाभ का करीब 70 से 80 प्रतिशत तक बताया गया है।
66 और 31 लोगों को नोटिस
DGGI की कार्रवाई केवल दो प्रमुख नामों तक सीमित नहीं है। अलग-अलग अवधियों के लिए जारी दोनों शो-कॉज नोटिस में क्रमशः 66 और 31 लोगों को नोटिसी बनाया गया है। इनमें कथित प्रमोटर, पैनल ऑपरेटर, सहयोगी और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं।
ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर पर DGGI की सख्ती
महादेव बुक मामले में हुई यह कार्रवाई ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कथित कर-अपवंचन के खिलाफ DGGI की सख्ती को दर्शाती है। विभाग की जांच का केंद्र केवल फर्जी बिलिंग और फर्जी ITC तक सीमित नहीं रहने के संकेत मिले हैं, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल माध्यमों से होने वाली कथित कर चोरी को भी जांच के दायरे में लाया जा रहा है।
करीब ₹1.45 लाख करोड़ का करयोग्य कारोबार, लगभग 2,000 पैनलों का नेटवर्क और ₹40 हजार करोड़ से अधिक की प्रस्तावित GST मांग ने इस मामले को ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े बड़े GST मामलों में शामिल कर दिया है।
नोट: शो-कॉज नोटिस में लगाए गए आरोप और प्रस्तावित कर मांग अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं हैं। संबंधित पक्षों को कानून के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़
स्टेट हेड रिपोर्टर – किशोर कुमार
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