✍️हेतराम साहू स्टेट- रिपोर्टर
हमर प्रदेश छत्तीसगढ़
🐔 मुर्गी पालन ने बदली रामबती नाग की जिंदगी, मेहनत से खड़ी की कमाई की नई राह
दंतेवाड़ा। कभी घर-परिवार तक सीमित रहने वाली ग्रामीण महिलाओं के लिए मुर्गी पालन अब आत्मनिर्भरता और अतिरिक्त आय का मजबूत जरिया बनता जा रहा है। दंतेवाड़ा जिले के ग्राम मुड़ापारा की रामबती नाग ने भी मुर्गी पालन को अपनी आजीविका का साधन बनाकर मेहनत और लगन की मिसाल पेश की है।
रामबती नाग बिहान योजना की इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर योजना से जुड़कर मुर्गी पालन कर रही हैं। बेहतर देखभाल, नियमित मेहनत और सही प्रबंधन से उन्होंने अब तक करीब 25 हजार रुपये की शुद्ध आय अर्जित की है। मुर्गियों की देखभाल से होने वाली यह अतिरिक्त आमदनी उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मददगार साबित हो रही है।
🐣 मुर्गी पालन से बढ़ रहा महिलाओं का आत्मविश्वास
मुर्गी पालन जैसे छोटे व्यवसाय ने ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का नया रास्ता खोला है। योजना से जुड़कर महिलाएं अपने घर और गांव में ही रहकर आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है, बल्कि महिलाओं में आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास भी बढ़ रहा है।
📈 2,200 परिवार जुड़े, 450 से अधिक महिलाओं को रोजगार
दंतेवाड़ा के कुआकोंडा और दंतेवाड़ा ब्लॉक में इस योजना का सकारात्मक असर दिखाई दे रहा है। अब तक करीब 2,200 परिवार योजना से जुड़ चुके हैं, जबकि 450 से अधिक महिलाओं को मुर्गी पालन के माध्यम से रोजगार मिला है।
रामबती नाग की कहानी इस बात का उदाहरण है कि यदि सही मार्गदर्शन, मेहनत और अवसर मिले तो गांव की महिलाएं भी छोटे स्तर से शुरुआत कर अपनी आमदनी का मजबूत जरिया तैयार कर सकती हैं। मुर्गियों की चहचहाहट के साथ अब उनके घर-आंगन में आत्मनिर्भरता की नई कहानी भी लिखी जा रही है।
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