✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में एक म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए साइबर अपराध के नेटवर्क के 21 राज्यों तक फैले होने की जानकारी सामने आई है। इस नेटवर्क से जुड़े करीब 150 बैंक खातों में 113 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है।
मामले की जानकारी I4C (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र) के ज्वाइंट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन पोर्टल के माध्यम से सूरजपुर पुलिस तक पहुंची थी। इसके बाद पुलिस ने संबंधित बैंक खातों और उनसे जुड़े लोगों की जांच शुरू की।
एजुकेशन संस्था से जुड़े खाते की जांच में खुला राज
जांच के दौरान साइबर फ्रॉड से जुड़ी कुछ रकम सूरजपुर के एक म्यूल अकाउंट में पहुंचने की जानकारी सामने आई। यह खाता D.N. चक्रधारी एजुकेशन डेवलपमेंट एसोसिएशन नाम की संस्था से जुड़ा बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक की सूरजपुर शाखा में संस्था के नाम से संचालित खाते को देवनारायण चक्रधारी और महेश कुमार चक्रधारी से जोड़ा गया। खाते की गतिविधियों की जांच के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज की।
पहले भी साइबर फ्रॉड मामले में जेल जा चुका है आरोपी
पुलिस ने संस्था से जुड़े आरोपी महेश कुमार चक्रधारी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पूर्व में भी एक साइबर फ्रॉड के मामले में जेल में निरुद्ध रह चुका है।
हालांकि गिरफ्तार आरोपी के खाते में अब तक साइबर ठगी की कितनी रकम पहुंची और उसका कितने बैंक खातों से सीधा कनेक्शन रहा है, इसकी जांच अभी जारी है।
देवनारायण चक्रधारी फरार, तलाश जारी
मामले में देवनारायण चक्रधारी फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। साथ ही संस्था और संबंधित बैंक खाते से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
21 राज्यों तक फैला नेटवर्क, कई और गिरफ्तारी की संभावना
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। जांच आगे बढ़ने पर साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरफ्तार आरोपी के खाते में साइबर अपराध से जुड़ी कितनी रकम पहुंची, रकम किन खातों में ट्रांसफर की गई और इस पूरे नेटवर्क में उसकी वास्तविक भूमिका क्या थी।
फिलहाल 21 राज्यों, करीब 150 बैंक खातों और 113 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध लेन-देन से जुड़ा यह मामला सूरजपुर पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। पुलिस की जांच अब इस नेटवर्क की अगली कड़ियों तक पहुंचने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने पर केंद्रित है।
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