✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर – किशोर कुमार
भिलाई। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर दुर्ग पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। आत्मघाती कदम उठाने की मंशा से खारून नदी के पास पहुंची 45 वर्षीय महिला की हाईवे पेट्रोलिंग टीम ने समय रहते जान बचा ली। पुलिसकर्मियों ने महिला को कानून-व्यवस्था के नजरिए से नहीं, बल्कि भाई की तरह आत्मीयता और धैर्य के साथ समझाकर उसे जीवन का महत्व बताया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम
पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के निर्देश पर यातायात पुलिस द्वारा प्रमुख मार्गों और हाईवे पर लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। इसी दौरान शुक्रवार 28 अगस्त को हाईवे पेट्रोलिंग टीम को सूचना मिली कि रायपुर के कबीर नगर निवासी 45 वर्षीय महिला आत्मघाती कदम उठाने के इरादे से खारून नदी के पास पहुंची है।
सूचना मिलते ही हाईवे पेट्रोलिंग में तैनात आरक्षक शिशुपाल तत्काल मौके पर पहुंचे। इसके बाद पॉइंट ड्यूटी पर तैनात आरक्षक कन्हैया सोनकर और इमामुद्दीन भी मौके पर पहुंचे।
भाई बनकर समझाया, बचाई जिंदगी
तीनों पुलिसकर्मियों ने महिला से शांतिपूर्वक बातचीत शुरू की और उसकी परेशानी को समझने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने बेहद संवेदनशीलता के साथ महिला को समझाया कि जीवन अनमोल है और किसी भी परिस्थिति में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।
रक्षाबंधन के दिन पुलिसकर्मियों का यह भाई जैसा व्यवहार और लगातार समझाइश आखिरकार रंग लाई। महिला ने आत्मघाती कदम उठाने का विचार छोड़ दिया और सुरक्षित स्थान पर आ गई।
इसके बाद पुलिस टीम ने महिला के पति को घटना की जानकारी दी और उन्हें मौके पर बुलाया। आवश्यक समझाइश के बाद महिला को सुरक्षित उसके पति के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस की संवेदनशील पहल की सराहना
दुर्ग यातायात पुलिस की हाईवे पेट्रोलिंग टीम की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता ने एक अनमोल जिंदगी बचा ली। रक्षाबंधन के दिन पुलिसकर्मियों ने जिस तरह महिला को भाई की तरह सहारा देकर जिंदगी की ओर लौटाया, वह पुलिस की जिम्मेदारी के साथ-साथ उसके मानवीय चेहरे को भी सामने लाता है।
यह घटना संदेश देती है कि संकट की घड़ी में समय पर मिला भरोसा, बातचीत और साथ किसी की जिंदगी बचा सकता है।
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