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रिफॉर्म उत्सव से गांवों तक पहुंचेगा वाटरशेड विकास का संदेश

hetram@hamarpradeshcg
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Chhattishgarh local news
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✍️हेतराम साहू स्टेट- रिपोर्टर

हमर प्रदेश छत्तीसगढ़

 

रिफॉर्म उत्सव से गांवों तक पहुंचेगा वाटरशेड विकास का संदेश

 

26 ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं के जरिए बढ़ेगी जागरूकता और जनभागीदारी

 

महासमुंद, 01 अक्टूबर 2026। भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त प्रयासों से वाटरशेड विकास में किए गए सुधारों को ग्रामीण समुदायों तक पहुंचाने जिले में ‘रिफॉर्म उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। अभियान की शुरुआत 2 अक्टूबर से ग्राम सभाओं के माध्यम से होगी। इसके तहत महासमुंद एवं पिथौरा विकासखंड की लगभग 26 ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को जल एवं मृदा संरक्षण, उपलब्ध सुविधाओं और वाटरशेड योजनाओं के लाभों की जानकारी दी जाएगी।

 

उप संचालक कृषि श्री एफ.आर. कश्यप ने बताया कि रिफॉर्म उत्सव को जन योजना अभियान ‘सबकी योजना, सबका विकास’ से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य वाटरशेड विकास में हुए सुधारों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के साथ जागरूकता, जनभागीदारी और सामुदायिक स्वामित्व को बढ़ावा देना है।

 

पानी बचेगा तो खेती और किसान दोनों होंगे मजबूत

 

वाटरशेड विकास का मुख्य उद्देश्य मिट्टी एवं जल का संरक्षण करते हुए जल-सुरक्षित गांव, मजबूत कृषि व्यवस्था और बेहतर ग्रामीण आजीविका तैयार करना है। वर्षा आधारित एवं सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जल उपलब्धता और मृदा नमी बढ़ने से कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। कई क्षेत्रों में जहां पहले एक फसल लेना भी मुश्किल था, वहां अब फसल उत्पादन की संभावनाएं बढ़ी हैं।

 

परियोजना क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण बीज, उन्नत कृषि उपकरण, फसल विविधीकरण, बागवानी, कृषि वानिकी तथा स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप उत्पादन गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। क्षरित भूमि के पुनरुद्धार और जल संरक्षण से कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

 

झरना क्षेत्रों के विकास से जल स्रोतों को मिलेगा नया जीवन

 

पर्वतीय एवं पहाड़ी क्षेत्रों में झरना क्षेत्र विकास के माध्यम से जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में झरनों के जल प्रवाह में तीन गुना तक वृद्धि तथा जल उपलब्धता की अवधि में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं के जल संग्रहण से जुड़े श्रमभार में कमी और आजीविका के अवसरों में सुधार की उम्मीद है।

 

कृषि विभाग ने जिला एवं परियोजना स्तर के मैदानी अमले को रिफॉर्म उत्सव में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि वाटरशेड विकास के सुधार फाइलों से निकलकर जमीन पर और ग्रामीण परिवारों के जीवन में वास्तविक बदलाव का माध्यम बन सकें।

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in खबरे काम की.

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