✍️ हमर प्रदेश छत्तीसगढ़ स्टेट हेड रिपोर्टर किशोर कुमार
भिलाई। लंबे समय से मरम्मत और निर्माण कार्य के चलते बंद पड़े मौर्या-चंद्रा टॉकीज रेलवे अंडरब्रिज को आखिरकार आम लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है। अंडरब्रिज के खुलने से दुर्ग-भिलाई के नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पहली ही तेज बारिश ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। मंगलवार को हुई झमाझम बारिश के दौरान अंडरब्रिज के भीतर पानी भर गया, जिसके चलते वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
चौथी रेलवे लाइन के निर्माण के चलते रेलवे और नगर निगम द्वारा अंडरब्रिज का आधुनिकीकरण एवं विस्तार किया गया है। रेलवे की ओर से अतिरिक्त बॉक्स का निर्माण कर अंडरब्रिज की लंबाई बढ़ाई गई, जबकि नगर निगम ने सीसी सड़क का निर्माण कराया है।
ढाई मीटर से अधिक ऊंचे वाहनों पर रोक
नए स्वरूप में अंडरब्रिज से अब केवल ढाई मीटर से कम ऊंचाई वाले छोटे वाहन, जैसे कार और दोपहिया वाहन ही गुजर सकेंगे। भारी वाहनों, बसों और अधिक ऊंचाई वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
अंडरब्रिज की सड़क की सतह ऊंची किए जाने से वाहनों के लिए उपलब्ध ऊंचाई भी सीमित हो गई है। वहीं, बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति सामने आने से ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
पहली बारिश में ही व्यवस्था पर सवाल
अंडरब्रिज के लंबे समय तक बंद रहने के बाद नागरिकों को उम्मीद थी कि नए निर्माण के साथ जलनिकासी और तकनीकी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा। लेकिन बारिश के दौरान पानी भरने से लोगों की परेशानी फिर सामने आ गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंडरब्रिज खुलने के साथ ही यदि जलभराव की समस्या बनी रहती है, तो इसका सीधा असर रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों पर पड़ेगा। नागरिकों ने संबंधित विभागों से जलनिकासी व्यवस्था की जांच कर समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
लंबे इंतजार के बाद अंडरब्रिज तो खुल गया, लेकिन पहली बारिश ने लोगों के सामने फिर वही सवाल खड़ा कर दिया—क्या निर्माण के दौरान पुरानी समस्याओं का वास्तव में समाधान हुआ है?
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