पिथौरा। कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण गान के बजाय केवल दो अंतरे गाने के फैसले पर जनपद पंचायत पिथौरा के उपाध्यक्ष ब्रह्मानंद पटेल ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कांग्रेस के इस निर्णय को देश की भावनाओं और राष्ट्रीय सम्मान के विपरीत बताया।
ब्रह्मानंद पटेल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह फैसला तुष्टीकरण की राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1937 में भी कांग्रेस द्वारा ‘वंदे मातरम्’ को लेकर लिए गए निर्णय को इसी तरह की राजनीति से जोड़कर देखा गया था। उनके अनुसार, देश की राष्ट्रीय भावना से जुड़े विषयों को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए।
पटेल ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रभक्ति की भावना का प्रतीक है। इसके सम्मान को लेकर किसी भी प्रकार की राजनीति देशहित में उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के अवसर पर केंद्र सरकार द्वारा इसके सम्मान और पूर्ण स्वरूप को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस का वर्तमान रुख एक बार फिर तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति को बढ़ावा देने वाला प्रतीत होता है।
देशहित को सर्वोपरि रखने की अपील
जनपद पंचायत उपाध्यक्ष ने देशवासियों से अपील की कि राष्ट्रीय भावना से जुड़े विषयों पर सभी को एकजुट होकर देशहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इतिहास से सीख लेते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और सम्मान के विषयों पर राजनीति से ऊपर उठकर विचार करने की आवश्यकता है।
✍️ हमर प्रदेश न्यूज़ रिपोर्टर रमेश श्रीवास्तव पिथौरा छत्तीसगढ़
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