विष्णु देव साय कैबिनेट के बड़े फैसले: सरकारी कर्मचारियों के लिए आयु सीमा बढ़कर 45 वर्ष, ₹500 करोड़ के स्टार्टअप मिशन और नई निर्यात नीति को मंजूरी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक संपन्न हुई। बैठक में युवाओं के रोजगार, कौशल संवर्धन, शासकीय कर्मियों के करियर विकास, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और न्यायिक अधोसंरचना से जुड़े 5 प्रमुख प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई:
1. कर्मचारियों और संविदाकर्मियों को बड़ी राहत: अधिकतम आयु सीमा अब 45 वर्ष
राज्य शासन के अंतर्गत कार्यरत स्थायी/अस्थायी कर्मचारियों, निगम-मंडल व स्वशासी संस्थाओं के कर्मियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को उच्च पदों व अन्य शासकीय सेवाओं में आवेदन के लिए बड़ी छूट दी गई है। मंत्रिपरिषद ने अधिकतम आयु सीमा को 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का निर्णय लिया है। इसके क्रियान्वयन के लिए राज्य शासन द्वारा जल्द ही एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

2. ₹500 करोड़ का ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’
प्रदेश के युवाओं को ‘जॉब-सीकर’ की जगह ‘जॉब-क्रिएटर’ बनाने के लिए नई योजना को मंजूरी दी गई।
* बजट: आगामी 5 वर्षों के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान।
* इंफ्रास्ट्रक्चर: सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब्स और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर बनेंगे।
* NIPUN JOB Engine: इसके माध्यम से उद्योगों की मांग के अनुसार कौशल प्रशिक्षण और औपचारिक रोजगार को गति दी जाएगी।
3. ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ लागू
राज्य को देश के अग्रणी एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने के लिए नई निर्यात नीति को मंजूरी दी गई।
* प्रदेश में लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत निर्यात इकोसिस्टम खड़ा किया जाएगा।
* कृषि तथा औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित (वैल्यू-ऐडेड) उत्पादों के निर्यात को प्राथमिकता मिलेगी।
* ई-कॉमर्स, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों व प्रदर्शनियों के जरिए स्थानीय उद्यमियों की पहुंच वैश्विक बाजारों तक बनाई जाएगी।
4. नवा रायपुर में ₹200 करोड़ से बनेगा नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI)
नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में 'नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट' (NSTI) की स्थापना के लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ भूमि नि:शुल्क आवंटित करने की स्वीकृति दी गई।
* लागत: लगभग ₹200 करोड़।
* क्षमता: प्रतिवर्ष दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में 1,000 और अल्पकालीन प्रशिक्षण में 3,000 प्रशिक्षुओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा दी जाएगी।
* इसमें अत्याधुनिक शैक्षणिक भवन, प्रशासनिक परिसर और छात्रावास की सुविधा होगी।
5. दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन के लिए भूमि विनिमय को स्वीकृति
दुर्ग जिला न्यायालय के आधुनिक व सर्वसुविधायुक्त परिसर निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह (बीआईटी कॉलेज के पास) स्थित भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की 4 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। इसके एवज में बीएसपी को ग्राम पाहंदा (तहसील पाटन) में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि आवंटित की जाएगी। दोनों जमीनों का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग समान है।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़

हमर प्रदेश सी जी
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