हमर प्रदेश सीजी न्यूज़
स्टेट हेड रिपोर्टर- मनोज कुमार भट्ट
संसद महेश कश्यप ने संभाले बढ़ाई के औजार, रथ निर्माण में किया श्रमदान और कारीगरों को बांटे वस्त्र
जगदलपुर, 12 अक्टूबर अपनी अनूठी परंपराओं और लगभग 75 दिनों तक चलने वाले भव्य आयोजन के लिए देश-दुनिया में विख्यात बस्तर दशहरा पर्व की तैयारियां इन दिनों पूरे उत्साह के साथ जोरों पर हैं। इसी कड़ी में बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष और बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री महेश कश्यप जगदलपुर के ऐतिहासिक सिरहासार भवन पहुंचे, जहां झारउमरगांव के पारंपरिक ग्रामीण शिल्पकार विशाल रथ के निर्माण कार्य में जुटे हुए हैं। सांसद कश्यप ने वहां पहुंचकर न केवल कारीगरों का हौसला बढ़ाया, बल्कि उन्हें वस्त्र वितरित कर सम्मानित किया, साथ ही खुद भी औजार थमकर रथ निर्माण में हाथ बांटते हुए श्रमदान किया।
एक प्रस्तुति के तौर पर केवल औपचारिक निरीक्षण करने के बजाय निर्माण कार्य में सीधे चेहरे बनने का उनका यह अंदाज हर किसी का ध्यान खींचने वाला रहा। उत्साहित सांसद श्री महेश कश्यप को बढ़ईगिरी, मकान निर्माण, मैकेनिक और मूर्तिकला जैसे व्यावहारिक हस्तकौशल का पुराना और गहरा अनुभव है। उन्होंने अपने स्वयं के घर के निर्माण से लेकर खिड़कियां, दरवाजे और पलंग तक का काष्ठ कार्य खुद किया है। अपने इसी जमीन हुनर के चलते वे झारउमरगांव के कारीगरों के बीच पूरी सहजता से घुलमिल गए और उनके साथ लकड़ी तराशने के काम में जुटे गए।
बस्तर दशहरा की मूल पहचान यहां की जीवंत लोक परंपराओं, सामूहिक सहभागिता और उत्पादकता से चली आ रही शिल्पकला में निहित है, जिसे झारउमरगांव के कारीगर सदियों से निष्ठापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे में सांसदों का कारीगरों के बीच पहुंचना उनका सम्मान करना और स्वयं पसीना बहाकर श्रमदान करना, बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला और श्रम के प्रति उनके गहरे सम्मान तथा आत्मीय गतिविधि को उजागर है।
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