सड़क का गड्ढा दिखाने पर हवालात! सरगुजा में लोकतंत्र पर पुलिसिया तानाशाही? गृहमंत्री के सिस्टम पर आप ने दागे तीखे सवाल
अंबिकापुर / सरगुजा:
छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में बदहाल सड़कों और चरमराती व्यवस्था पर सवाल उठाना अब 'अपराध' बन गया है? आम आदमी पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता लव कुमार की गिरफ्तारी के बाद यह सवाल सियासी गलियारों से लेकर आम जनता के बीच शोला बनकर भड़क चुका है। जनता के बुनियादी हक और बदहाल प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक कार्यकर्ता को सलाखों के पीछे भेजकर सरगुजा पुलिस और स्थानीय प्रशासन अब सीधे कटघरे में खड़ा हो गया है।
सड़क पर सवाल पूछा तो जेल, जमानत की अर्जी लेने से भी SDM का इनकार!
पूरा विवाद तब गहरा गया जब खराब सड़कों और लचर प्रशासनिक दावों की पोल खोलने वाले लव कुमार को पुलिस ने आनन-फानन में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हद तो तब हो गई जब स्थानीय एसडीएम न्यायालय में कानूनी हक के तहत लगाई जाने वाली जमानत याचिका तक को स्वीकार करने से कथित तौर पर मना कर दिया गया।
सवाल उठता है कि:
* क्या सरगुजा में अब संविधान और कानून के बजाय प्रशासनिक अफसरों की मनमर्जी का डंडा चलेगा?
* क्या जनता के टैक्स से बनने वाली सड़कों की दुर्दशा पर सवाल पूछना इतना बड़ा गुनाह है कि सीधे जेल भेज दिया जाए?
* क्या कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को कानून से भी ऊपर विशेषाधिकार मिल गए हैं?
"बड़ा शौक है जेल भेजने का तो मैं खुद आ रही हूं गिरफ्तारी देने" — प्रियंका शुक्ला का सीधा अल्टीमेटम
इस प्रशासनिक रवैये पर आगबबूला होते हुए आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने दो-टूक चेतावनी देते हुए कहा:
> "मैं कलेक्टर और एसपी महोदय से पूछना चाहती हूं कि क्या आपके पास कानून से बढ़कर ताकत है? एक सामान्य नागरिक द्वारा व्यवस्था पर सवाल उठाने पर उसे जेल में डाल दिया जाता है और एसडीएम जमानत अर्जी तक नहीं लेते। अगर लव कुमार को तत्काल रिहा नहीं किया गया, तो मैं खुद सरगुजा आकर गिरफ्तारी दूंगी। प्रशासन को जेल भेजने का बहुत शौक चढ़ा है, तो हम भी पीछे हटने वाले नहीं हैं।"
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निशाने पर गृहमंत्री विजय शर्मा: "इतना डर किस बात का है?"
प्रियंका शुक्ला ने इस कार्रवाई को सीधे प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा की प्रशासनिक विफलता और हताशा करार दिया। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार में बैठे नुमाइंदों ने कानून का मजाक बनाकर रख दिया है। जनता जब गड्ढों से भरी सड़कों, धूल और हादसों पर सवाल करती है, तो जवाब में विकास के काम नहीं बल्कि पुलिस की गाड़ियां और जेल की सलाखें मिलती हैं।
सत्ता की इस कथित तानाशाही के खिलाफ अब 'आप' ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। यदि समय रहते लव कुमार की रिहाई और मामले में निष्पक्ष कदम नहीं उठाए गए, तो सरगुजा की यह चिंगारी पूरे प्रदेश में प्रशासनिक मनमानी के खिलाफ एक बड़ा सियासी बवंडर खड़ा कर सकती है।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर छत्तीसगढ़
हमर प्रदेश सी जी
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