सरकारी फाइलों में 'खानापूर्ति' पर भड़के रायगढ़ कलेक्टर: दो टूक बोले—'कागजी समाधान नहीं, आवेदक को राहत चाहिए; किस्त लेकर घर न बनाने वालों से होगी वसूली'
लापरवाहों पर कसेंगे पेंच, तो अच्छा काम करने वाले 19 कर्मियों को कलेक्ट्रेट में मिला सम्मान
रायगढ़
सरकारी दफ्तरों में अक्सर शिकायतों को कागजों पर निपटाकर फाइलें बंद कर दी जाती हैं, लेकिन रायगढ़ कलेक्ट्रेट की शुक्रवार की बैठक में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के तेवर साफ बता रहे थे कि अब यह ढर्रा नहीं चलेगा। समय-सीमा (TL) बैठक में अधिकारियों के पसीने तब छूटे जब कलेक्टर ने जनदर्शन और सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों पर सीधे कहा—"निराकरण केवल औपचारिकता न बने। आवेदक को जमीन पर राहत मिलनी चाहिए और उसे यह पता भी होना चाहिए कि उसकी समस्या पर क्या कार्रवाई हुई।"
समीक्षा बैठक सिर्फ रूटीन चर्चा तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें जनता के पैसे की बर्बादी से लेकर फाइलों में अटके मकानों तक पर सख्त एक्शन का खाका खींचा गया।
बैठक के 5 बड़े फैसले और सख्त संदेश:
* किस्त हजम करने वालों से वसूली: प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसा खाते में आने के बावजूद जिन हितग्राहियों ने निर्माण शुरू नहीं किया, उन पर डंडा चलेगा। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि या तो तुरंत काम शुरू कराएं, अन्यथा शासन के नियमों के तहत वसूली की सख्त कार्रवाई करें।
* शासकीय राशि पर निजी मुनाफाखोरी बंद: आरआरसी (राजस्व वसूली) मामलों में कलेक्टर ने साफ चेतावनी दी कि सरकारी राशि लेकर काम अधूरा छोड़ना या रुचि न दिखाना बर्दाश्त नहीं होगा। राशि के दुरुपयोग पर जिम्मेदारी तय कर सीधी कार्रवाई होगी।
* क्वालिटी से समझौता बर्दाश्त नहीं: जल जीवन मिशन और पीडब्ल्यूडी के निर्माण कार्यों को लेकर अधिकारियों को फील्ड पर सतत निगरानी रखने को कहा गया है। "गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं" का स्पष्ट संदेश दिया गया।
* किसानों और भू-अभिलेखों का निपटारा: खरीफ सीजन 2026-27 के मद्देनजर किसानों के एग्रीस्टैक पंजीयन, केसीसी और लोन वितरण की राह आसान करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने और नक्शा-बटांकन के अटके मामलों को निपटाने का अल्टीमेटम दिया गया।
* जर्जर भवनों पर नजर, मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन: किसी भी जर्जर सरकारी भवन में हादसे की गुंजाइश न रहे, इसके लिए तत्काल मुआयना करने और मेडिकल कॉलेज के ऑक्सीजन प्लांट को अविलंब चालू करने का टास्क सौंपा गया।
सख्ती के बीच पीठ भी थपथपाई
कलेक्टर ने जहां लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया, वहीं बेहतर काम करने वालों की खुले दिल से हौसलाअफजाई की। विभिन्न विभागों में अनुकरणीय कार्य करने वाले 14 कर्मचारियों और ई-ऑफिस प्रणाली को गति देने वाले 5 तकनीकी कर्मचारियों को बैठक के दौरान सम्मानित किया गया।
जिले में 17 सितम्बर से शुरू हो रहे महीने भर के 'सेवा संकल्प अभियान' को लेकर सभी विभागों को अंतिम तैयारी पुख्ता करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय, एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो सहित जिले के आला प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़
हमर प्रदेश सी जी
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to share your thoughts!