Tuesday, October 27 2026
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साइबर जागृति अभियान का अटल विश्वविद्यालय में साइबर अपराध से बचाव की दी गई जानकारी*

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साइबर जागृति अभियान का अटल विश्वविद्यालय में साइबर अपराध से बचाव की दी गई जानकारी*

*साइबर जागृति अभियान का अटल विश्वविद्यालय में साइबर अपराध से बचाव की दी गई जानकारी*

 

साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए बिलासपुर पुलिस द्वारा संचालित “साइबर जागृति अभियान” को व्यापक रूप से आगे बढ़ाते हुए आज 22 अगस्त 2026 को अटल विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों को वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराध, साइबर ठगी के नए तरीकों तथा उससे बचाव के व्यावहारिक उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।

 

*उच्च शिक्षित लोग भी साइबर ठगी का शिकार—एसएसपी श्री रजनेश सिंह*

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उप महानिरीक्षक श्री रजनेश सिंह ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में सामने आए साइबर अपराधों के आधार पर बताया कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध का शिकार केवल कम पढ़े-लिखे लोग ही नहीं, बल्कि उच्च शिक्षित एवं जागरूक माने जाने वाले लोग भी हो रहे हैं। उन्होंने एक सेवानिवृत्त इंजीनियर के साथ हुई साइबर ठगी का उदाहरण देते हुए बताया कि साइबर ठग किस प्रकार विश्वास में लेकर शिक्षित लोगों से भी बड़ी रकम ठग लेते हैं। उन्होंने अपने एक रिश्तेदार के साथ हुई साइबर ठगी की घटना का भी उल्लेख किया तथा बताया कि उस समय वे उनके पैसे वापस नहीं करा पाए, लेकिन वर्तमान में साइबर अपराध से पीड़ित लोगों की समस्याओं के समाधान एवं ठगी की रकम वापस दिलाने के प्रयासों में पुलिस को कई सफलताएं प्राप्त हुई हैं। युवाओं को फर्जी लिंक, फर्जी URL, संदिग्ध वेबसाइट एवं अनजान डिजिटल संदेशों से सावधान रहने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि युवाओं की जल्दबाजी, लालच, डर एवं बिना सत्यापन के किसी लिंक पर क्लिक करना साइबर ठगी का कारण बन सकता है। उन्होंने किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करने, OTP एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने तथा संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तत्काल शिकायत करने की सलाह दी।

 

उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर QR कोड स्कैन कर भुगतान न करें। भुगतान करने से पहले QR कोड एवं संबंधित जानकारी की अच्छी तरह जांच करें। उन्होंने साइबर सुरक्षा से संबंधित उपयोगी मोबाइल एप्लीकेशन एवं संसाधनों की जानकारी भी दी, जो Google Play Store पर उपलब्ध हैं।

 

साइबर जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश—कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल

 

कलेक्टर बिलासपुर श्री संजय अग्रवाल ने भी साइबर अपराध की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए अपने करीबियों के साथ हुई साइबर फ्रॉड की घटनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध किसी भी व्यक्ति के साथ हो सकता है, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को डिजिटल लेन-देन एवं ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्क रहना आवश्यक है।

 

उन्होंने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों से स्वयं साइबर जागरूक बनने तथा अपने परिवार, मित्रों एवं परिचितों को भी साइबर अपराध से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।

 

*कार्यक्रम के अंत में ऑडिटोरियम में उपस्थित सभी लोगों द्वारा साइबर जागरूकता से संबंधित सेल्फी लेकर उसे अपलोड किया गया तथा साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता से संबंधित प्रश्नोत्तरी का आयोजन Google Form के माध्यम से किया गया।* बिलासपुर पुलिस को सोशल नेटवर्किंग साइट पर फ़ॉलो करने और जागरूकता कार्यक्रम में जुड़ने हेतु प्रेरित किया गया ।

 

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ. ललित प्रकाश पटेरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उप महानिरीक्षक श्री रजनेश सिंह, कलेक्टर बिलासपुर श्री संजय अग्रवाल, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. तारनीश गौतम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती मधुलिका सिंह, सीएसपी कोतवाली श्री गगन सिंह, रक्षित निरीक्षक श्री भूपेंद्र कुमार गुप्ता, थाना प्रभारी कोनी श्री जीतेंद्र गुप्ता सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी, विभिन्न संकायों के प्राध्यापक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कोचिंग संस्थानों में भी पहुंचा “साइबर जागृति अभियान”

इसी क्रम में बिलासपुर स्थित चंद्रा अकादमी एवं चंद्रहासिनी अकादमी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के बीच भी “साइबर जागृति अभियान” के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

 

कार्यक्रम में रक्षित निरीक्षक श्री भूपेंद्र कुमार गुप्ता, थाना प्रभारी कोतवाली श्री देवेश राठौर, सूबेदार श्री तिलक कुमार एवं सूबेदार श्री अविनाश ध्रुव उपस्थित रहे।

 

रक्षित निरीक्षक श्री भूपेंद्र कुमार गुप्ता ने विद्यार्थियों को वर्तमान परिस्थितियों में साइबर जागरूकता की आवश्यकता एवं साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में इंटरनेट एवं ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग बढ़ने के साथ-साथ साइबर अपराधियों की सक्रियता भी बढ़ी है, इसलिए सावधानी और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।

 

थाना प्रभारी कोतवाली श्री देवेश राठौर ने बताया कि साइबर ठग विशेष रूप से युवा वर्ग को किस प्रकार अपने जाल में फंसाते हैं। उन्होंने ठगी के ऐसे मामलों के उदाहरण बताए, जिनमें साइबर अपराधी बुजुर्ग माता-पिता को उनके बेटे या बेटी के दुर्घटना में घायल होने अथवा अस्पताल में भर्ती होने की झूठी सूचना देकर तत्काल पैसे ट्रांसफर करने के लिए दबाव बनाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसी परिस्थितियों में घबराने के बजाय संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क करने तथा पुलिस की सहायता लेने की सलाह दी ।

 

*बिलासपुर पुलिस की अपील*

 

बिलासपुर पुलिस ने आम नागरिकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं युवाओं से अपील की है कि साइबर अपराध के प्रति स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार एवं परिचितों को भी जागरूक करें। किसी भी अनजान लिंक, QR कोड, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। OTP, PIN, पासवर्ड एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें तथा साइबर ठगी होने पर बिना देर किए पुलिस एवं संबंधित साइबर अपराध शिकायत माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं।

 

“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें—साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।”

 

अभिषेक कुमार पाण्डेय 

स्टेट हेड रिपोर्टर 

बिलासपुर छत्तीसगढ़ 

 

हमर प्रदेश सी जी

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in खबरे काम की.

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