अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़
सितंबर का 'महंगाई अटैक': जेब पर चौतरफा मार, दूध-गैस से लेकर कार तक सब महंगा; बस हवाई यात्रियों को थोड़ी राहत
नई दिल्ली: सितंबर का नया महीना आम आदमी की रसोई से लेकर रोजमर्रा की यात्रा और सपनों की गाड़ी तक पर सीधा असर डालने आ गया है। दूध के बढ़ते दाम, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में उछाल, सीएनजी के बढ़े दाम और कारों की कीमतों में तेजी ने त्योहारों से पहले घर के बजट पर दबाव बढ़ा दिया है।

1. रसोई और खान-पान पर सीधा वार
* दूध हुआ महंगा: मुंबई में भैंस के दूध के थोक दाम में ₹9 प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद कीमत ₹102 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। खुदरा बाजार में इसका असर चाय, पनीर और मिठाइयों तक दिखेगा।
* कमर्शियल LPG में उछाल: 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में महानगरों के अनुसार ₹9.50 तक की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर रेस्टोरेंट, ढाबों और बाहर खाने-पीने के बिल पर पड़ेगा।
2. सफर और सपनों की गाड़ी पर असर
* कारों की कीमतें बढ़ीं: नया वाहन खरीदने की योजना बना रहे लोगों को अब ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों (जैसे टाटा मोटर्स) ने 1 सितंबर से अपने चुनिंदा मॉडलों की कीमतें ₹25,000 तक बढ़ा दी हैं।
* CNG के दाम में तेजी: ईंधन मोर्चे पर भी राहत नहीं है। मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में सीएनजी ₹2 प्रति किलो महंगी होकर ₹88 प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है।
3. नियम और प्रक्रियाओं में बदलाव
* LPG e-KYC अनिवार्य: रसोई गैस ग्राहकों के लिए बायोमेट्रिक/आधार प्रमाणीकरण की समयसीमा खत्म होने के बाद अब बिना ई-केवाईसी वाले उपभोक्ताओं को सिलेंडर बुकिंग और सब्सिडी में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
* अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को राहत: विदेश यात्रा करने वालों के लिए इमिग्रेशन प्रक्रिया सरल की गई है। अब बोर्डिंग पास पर अनिवार्य मुहर (स्टांपिंग) की व्यवस्था समाप्त कर डिजिटल या प्रिंटेड पास की सीधी अनुमति दी गई है।
1947 से अब तक महंगाई का सफर: तब और अब
आजादी के समय और आज के बुनियादी खर्चों की तुलना से यह स्पष्ट होता है कि मुद्रास्फीति (इन्फ्लेशन) ने भारतीय रुपये की क्रय-शक्ति को किस प्रकार प्रभावित किया है:
| आवश्यक वस्तु / सेवा | 1947 (औसत दर) | 1970 के दशक में | 1990 के दशक में | वर्तमान दर |
|---|---|---|---|---|
| दूध (प्रति लीटर) | ₹0.12 (लगभग 2 आना) | ₹1.50 – ₹2.00 | ₹10 – ₹12 | ₹60 – ₹102 |
| पेट्रोल (प्रति लीटर) | ₹0.25 (लगभग 4 आना) | ₹1.50 – ₹3.00 | ₹15 – ₹20 | ₹95 – ₹105+ |
| सोना (प्रति 10 ग्राम) | ₹88.62 | ₹180 – ₹500 | ₹3,200 – ₹4,500 | ₹70,000+ |
| घरेलू LPG सिलेंडर | प्रचलन में नहीं था | ₹20 – ₹30 | ₹100 – ₹150 | ₹800 – ₹950+ |
बढ़ती लागत और समय-समय पर होने वाले ये नीतिगत बदलाव सीधे मध्यम वर्ग और सामान्य उपभोक्ता की बचत को प्रभावित करते हैं, जिससे महीने की शुरुआत में ही बजट का पुनर्मूल्यांकन जरूरी हो जाता है।
हमर प्रदेश सी जी

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