कहानी बदलाव की
*एमएमयू से मिला नियमित उपचार, लखन सिंह को बीमारी से मिली राहत*
बिलासपुर, 18 सितम्बर 2026/जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को और सुदृढ़ किया जा रहा है। मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) के माध्यम से गांवों में ही लोगों को स्वास्थ्य जांच, उपचार, आवश्यक दवाइयां एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं और नियमित उपचार एवं फॉलोअप के माध्यम से उनके स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
जिले के उमरिया दादर निवासी 63 वर्षीय लखन सिंह लंबे समय से मधुमेह (शुगर) और कैंडिडियासिस नामक त्वचा रोग से पीड़ित थे। वे पिछले पांच वर्षों से गनियारी अस्पताल में उपचार करा रहे थे, लेकिन लगातार इलाज के बावजूद उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिल रही थी। मधुमेह के कारण उन्हें इंसुलिन के इंजेक्शन भी लेने पड़ते थे। गांव से अस्पताल तक पहुंचकर नियमित जांच और उपचार कराना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था।
*स्वास्थ्य सेवा मिलने के बाद -*
उमरिया दादर गांव के ग्रामीणों को मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) का लाभ मिला। गांव में ही स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा मिलने पर लखन सिंह ने एमएमयू में नियमित रूप से अपनी जांच कराना शुरू किया। चिकित्सकों की सलाह के अनुसार लगातार उपचार और फॉलोअप से उनके स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार आने लगा।
*बदलाव की कहानी -*
नियमित उपचार के बाद लखन सिंह का कैंडिडियासिस पूरी तरह ठीक हो गया। वहीं उनका मधुमेह भी अब नियंत्रित स्थिति में है। पहले जहां उन्हें इंसुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते थे, वहीं अब उन्हें इंसुलिन इंजेक्शन की आवश्यकता नहीं पड़ रही है। उन्हें नियमित दवा सेवन, संतुलित आहार, स्वच्छता बनाए रखने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच एवं फॉलोअप कराने की समझाइश दी गई। गांव-गांव तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवा लोगों के जीवन में बदलाव ला रही है। एमएमयू के माध्यम से अब दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को उनके गांव के करीब ही जांच, उपचार और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श मिल रहा है।
✍️अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़ हमर प्रदेश सी जी
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