हमर प्रदेश सीजी न्यूज़
🛑 स्टेट हेड रिपोर्टर- मनोज कुमार भट्ट
स्वदेशी मेले में गूंजा बस्तर का लोकरंग, सिद्धार्थ महाजन के गीतों पर रात तक झूमे हजारों दर्शक
जगदलपुर: के ऐतिहासिक लालबाग मैदान में आयोजित भव्य स्वदेशी मेले के सांस्कृतिक मंच पर बस्तर संस्कृति लोकरंग ग्रुप ने अपनी ऊर्जावान प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। विख्यात लोक गायक सिद्धार्थ महाजन और उनकी टीम ने बस्तर एवं छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला-संस्कृति का अद्भुत संगम पेश किया, जिसे देखने हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ा।
महानवमी के पावन अवसर पर माता के भजनों और मां दंतेश्वरी के भक्तिमय गीतों की ऐसी धारा बही कि दर्शक भाव-विभोर होकर झूम उठे। "जय मां दंतेश्वरी" और "जय मां दुर्गा" के जयकारों से पूरा मैदान गूंज उठा। हजारों की भीड़ रात 11:00 बजे तक बिना हिले-डुले लोक संगीत का आनंद लेती रही।
कार्यक्रम में पारंपरिक नृत्यों जैसे गेड़ी नृत्य, सुआ नृत्य, राउत नाचा और पंथी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। साथ ही बस्तर की आस्था के प्रतीक 'आंगा डोली' और आगामी दीपावली को समर्पित 'गौरा-गौरी' की सांस्कृतिक परंपराओं का प्रदर्शन किया गया। भक्ति गीतों के साथ मां दुर्गा और मां काली की भव्य झांकियों ने उपस्थित जनसमुदाय को मंत्रमुग्ध कर दिया।
लोक गायक सिद्धार्थ महाजन ने अपने गीतों के माध्यम से समाज को दो महत्वपूर्ण संदेश दिए - एक ओर उन्होंने स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया, तो दूसरी ओर गीतों के माध्यम से बस्तर में शांति और विकास की बढ़ती राह का संदेश भी जन-जन तक पहुँचाया।
कार्यक्रम के सफल समापन पर स्वदेशी मेले के डायरेक्टर एवं आयोजन समिति द्वारा सिद्धार्थ महाजन और उनकी पूरी टीम का सम्मान किया गया। दर्शकों ने करतल ध्वनि से कलाकारों का अभिनंदन कर उनकी प्रतिभा की जमकर तारीफ की।
अंत में सिद्धार्थ महाजन ने आयोजन को सफल बनाने के लिए क्षेत्रीय सांसद, विधायक, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप जी महापौर सहित नगर निगम टीम, और प्रशासनिक अधिकारियों में कमिश्नर, कलेक्टर, एसपी व पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया। बस्तर की इस सांस्कृतिक संध्या ने न केवल लोक कला को नया जीवन दिया, बल्कि स्वदेशी और शांति का सुंदर संदेश भी प्रसारित किया।
Comments (0)
Leave a Comment
No comments yet. Be the first to share your thoughts!