Monday, October 26 2026
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हाईकोर्ट, रेलवे जोन और सेंट्रल यूनिवर्सिटी वाला न्यायधानी बिलासपुर 'हवाई नक्शे' पर कब भरेगा पूरी उड़ान? एयरपोर्ट विस्तार पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, AAI को जल्द फैसला लेने की दो-टूक

State Head - State_head_abhishek
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हाईकोर्ट, रेलवे जोन और सेंट्रल यूनिवर्सिटी वाला न्यायधानी बिलासपुर 'हवाई नक्शे' पर कब भरेगा पूरी उड़ान? एयरपोर्ट विस्तार पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, AAI को जल्द फैसला लेने की दो-टूक

हाईकोर्ट, रेलवे जोन और सेंट्रल यूनिवर्सिटी वाला न्यायधानी बिलासपुर 'हवाई नक्शे' पर कब भरेगा पूरी उड़ान? एयरपोर्ट विस्तार पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, AAI को जल्द फैसला लेने की दो-टूक

 

बिलासपुर:

छत्तीसगढ़ की न्यायधानी, जहां राज्य का सर्वोच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) बैठता है, जहां सेंट्रल यूनिवर्सिटी (GGU) का विशाल कैंपस है और जहां से पूरे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन का पहिया घूमता है—वही शहर आज भी 21वीं सदी में एक अदद मुकम्मल हवाई सेवा के लिए तरस रहा है! 2019 में एयरपोर्ट का तमगा तो मिल गया, रनवे पर नाइट लैंडिंग की लाइटें भी चमकने लगीं, लेकिन बिलासपुरवासियों का महानगरों से सीधे जुड़ने का सपना फाइलों और आश्वासनों के चक्रव्यूह में उलझा हुआ है।

अब इस सुस्त व्यवस्था पर हाईकोर्ट ने कड़े तेवर दिखाए हैं और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को जल्द से जल्द ठोस निर्णय लेने का फरमान सुना दिया है।

कटघरे में सुस्त तंत्र: हाईकोर्ट में क्या हुआ?

 * संचालन का मास्टरप्लान पेश: राज्य सरकार ने हाईकोर्ट की खंडपीठ के सामने एयरपोर्ट विस्तार और संचालन को लेकर अपनी कार्ययोजना पेश की। सरकार ने बताया कि चरणबद्ध तरीके से हवाई अड्डे के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जा रहा है।

 * AAI पर नजरें, हाईकोर्ट की दो-टूक: एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के पाले में गेंद डालते हुए कोर्ट ने साफ संकेत दिए हैं कि दिल्ली और अन्य बड़े महानगरों की सीधी कनेक्टिविटी और संचालन को लेकर अथॉरिटी बिना हीला-हवाली के तुरंत फैसला ले।

 * 29 सितंबर की तारीख मुकर्रर: अदालत इस पूरे मामले पर बेहद गंभीर है और प्रगति रिपोर्ट की अगली समीक्षा 29 सितंबर को की जाएगी।

ज्वलंत सवाल: नाइट लैंडिंग तैयार, फिर फ्लाइट्स के नाम पर सन्नाटा क्यों?

याचिकाकर्ताओं ने अदालत के सामने जमीनी हकीकत का कड़वा सच बयां करते हुए सीधा सवाल उठाया:

 * लाइट्स ऑन, पर प्लेन नदारद: करोड़ों के खर्च से नाइट लैंडिंग का सेटअप तैयार हो चुका है, लेकिन नियमित कमर्शियल फ्लाइट्स के नाम पर बिलासपुर को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।

 * महानगरों से दूरी कब मिटेगी? न्यायधानी से राजधानी दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसी सीधी उड़ानों की मांग सालों से हो रही है, मगर हर बार जनता को सिर्फ तकनीकी पेचों का झुनझुना थमा दिया जाता है।

हाईकोर्ट की सक्रियता के बाद अब देखना यह होगा कि दिल्ली में बैठी एविएशन लॉबी और AAI बिलासपुर की इस जायज उड़ान को कब हरी झंडी देती है या न्यायधानी की जनता को 29 सितंबर की अगली तारीख तक फिर किसी नई दलील का इंतजार करना पड़ेगा।

 

अभिषेक कुमार पाण्डेय स्टेट हेड रिपोर्टर बिलासपुर छत्तीसगढ़

हमर प्रदेश सी जी

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Contributing writer at THE NEWS HUB. Covering the latest developments in खबरे काम की.

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